Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
08-19-2018, 03:08 PM,
#31
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
त्रिकाल ऐसा सुनते ही चौंक गया. उसे अपनी ग़लती का एहसास हुआ पर अगले ही पल उसके बदसूरत चेहरे पर एक शैतानी मुस्कान आ गयी. “मुझे माफ़ कर दो शैतान...अगली अमावस्या को तुम्हारी काम वासना और एक कुवारि लड़की की बलि चढ़ा कर तुम्हे ज़रूर प्रसन करूँगा...यह त्रिकाल का वादा है तुमसे...हा हा हा..”

त्रिकाल बड़ा ही कमीना आदमी था उसने अपने शिष्यो से कहा, “अगली अमावस्या को नयी लड़की लाने की कोई ज़रूरत नही है...इन दोनो लौन्डो की यह चिकनी बहन ही हमारा अगला शिकार होगी...”

काजल के यह सुनते ही होश उड़ गये. जो आज उसने सलमा के साथ होता देखा था वो अगली अमावस्या की रात उसके साथ होने वाला था, यह सोच कर उसकी रूह काँप उठी. इधर करण और अर्जुन का खून खौल उठा. अपनी बहन के बारे मे ऐसा सुनकर उन्हे बहुत गुस्सा आया. उन्होने बहुत कोशिश की पर त्रिकाल के काले जादू से आज़ाद नही हो पाए.

“मालिक इनकी बहन को हम भी चोदना चाहते है...पर अभी इन दोनो लड़को का क्या करना है...???” एक शिष्य ने काजल की गुदाज मोटी मोटी चुचियो दबोचते हुए कहा. काजल के जिस्म पर मर्द का यह पहला स्पर्श था जिससे वो तड़प उठी.

करण और अर्जुन यह देख कर आग बाबूला हो गये पर वो दोनो काले जादू के असर से मजबूर थे. त्रिकाल ने अपने शिष्य को आदेश दिया, “यह दोनो टीवी रिपोर्टर मालूम होते है...अगर इनको जान से मार दिया तो इनको खोजने और रिपोर्टर यहाँ तक आ जाएँगे और हमारा राज सबके सामने खुल जाएगा...इतना जोखिम हम नही ले सकते...”

“तो आप ही बताइए मालिक मैं क्या करू....” शिष्य काजल की मोटी चुचिया उसके दोनो भाइयो के सामने ही दबोच दबोच कर दबा रहा था.

“एक काम करो अभी इनको यहाँ से दूर जंगल मे फिकवा दो...यह कभी भी यहाँ वापस नही पहुच पाएँगे....हा हा हा..” हंसते हुए त्रिकाल ने काजल के सौंदर्य को एक बार देखा और उसकी कठोर गदराई गान्ड को सहलाता हुआ कोठरी के अंदर चला गया.

पर जाते जाते उसने करण और अर्जुन पे ऐसा काला जादू किया कि वो दोनो बेहोश हो गये और गुफा से दूर जंगल के ना जाने किस कोने पर पहुचा दिए गये. 

बेहोश होने से पहले उन्हे बस काजल की चीख ही सुनाई दी “भैया...प्लीज़ मुझे छोड़ कर मत जाओ....मुझे यहाँ बहुत डर लग रहा है...यह लोग मुझे भी सलमा की तरह मार देंगे...भैया प्लीज़....” और फिर वो दोनो बेहोश हो गये थे.

जब उन्हे होश आया तो सवेरा हो चुका था. रात की एक एक बात उनके ज़हन मे दौड़ रही थी. अपने साथ अपनी प्यारी बहन को ना पाकर वो दोनो टूट गये और वही पर बैठ के एक दूसरे के कंधो पर रोने लगे.

“हमे काजल को यहाँ लाना ही नही चाहिए था....” अर्जुन रोते हुए बोला.

“अर्जुन सम्भालो अपने आपको...” करण उसके कंधो पर हाथ फेरता हुआ बोला.

“कैसे संभालू अपने आपको....???” और अर्जुन फिर से बिलख बिलख कर रोने लगा. उसकी माँ के गुजर जाने के बाद सिर्फ़ एक काजल ही थी जिसे वो सबसे ज़्यादा प्यार करता था. और आज वो भी उसके साथ नही थी.

“अर्जुन हमें हिम्मत से काम लेना होगा...ऐसे बैठे बैठे रोने से काम नही चलेगा....हमें कोई ना कोई रास्ता निकालना ही होगा जिस से हम वापस त्रिकाल की गुफा तक पहुच सके..” करण ने उसे समझाते हुए कहा.

“पर हम यह सब करेंगे कैसे....और कहीं वो कमीने तांत्रिक लोग काजल के साथ कुछ उल्टा सीधा ना कर दे..” अर्जुन अपनी आँखो से आँसू पोछता हुआ बोला.

“अर्जुन एक तो सीधी सी बात है कि त्रिकाल और उसके आदमी काजल को अगली अमावस्या तक कोई नुकसान नही पहुचाएँगे....और अब अगली अमावस्या 28 दिन बाद है...इतने समय मे हमें काजल को छुड़ाने का कोई तरीका ढूँढना ही होगा.”
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:08 PM,
#32
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
“करण तुम ठीक कह रहे हो....कम से कम काजल अगले अमावस्या तक तो सुरक्षित है....पर अभी तो हमें इस जंगल से बाहर निकलना होगा तभी हम आगे की कुछ प्लॅनिंग कर सकते है...” कहते हुए अर्जुन और करण उस घने जंगल से बाहर जाने का रास्ता तलाश करने लगे.

इधर काजल को त्रिकाल के आदमियो ने एक अंधेरे कारागार मे डाल दिया. काजल बहुत ही ज़्यादा डरी हुई थी, “मेरे दोनो भैया मुझे बचाने ज़रूर आएँगे....फिर तुम्हारे मालिक को बचने के लिए पाताल मे भी जगह नही मिलेगी...सड़ सड़ कर मरेगा वो पापी...” काजल त्रिकाल के आदमियो पर चिल्लाते हुए बोली जिसे वो नज़रअंदाज कर के उसकी चूची दबोच कर काल कोठरी मे बंद कर के चले गये.

काजल एक कोने मे बैठी सुबक्ती रही. उस कल कोठरी मे फैले अंधेरे से वो सहमी हुई थी. त्रिकाल के वहशी आदमियो ने उसके सारे कपड़े उतार के उसे नंगी कर दिया था. वो अपने योवन को अपने हाथो से समेटे सूबक रही थी.

“बेटी तुम कॉन हो....?” काल कोठरी एक अंधेरे कोने से एक महिला की आवाज़ आई. जब वो काल कोठरी की छोटी सी खिड़की से आती हुई सूरज की रोशनी के सामने आई तब काजल उसे देखते ही पहचान गयी.

“माआअ......” काजल दौड़ के अपनी माँ से लिपट गयी, तब उसे अपनी चुचियो पर अपनी माँ की चुचिया महसूष हुई. उसके निपल अपनी माँ रत्ना की निपल्स से रगड़ खा गये और वो जान गयी कि उसकी माँ भी उस काल कोठरी मे नंगी पड़ी हुई है.
“काजल...???” रत्ना ने हैरानी से पूछा.

“हाँ माँ मैं ही हू...आपकी बेटी काजल.” और काजल रोते हुए अपनी माँ से लिपट गयी. 
अपनी बेटी को यहाँ देख कर एक पल के लिए रत्ना बहुत खुश हुई पर अगले ही पल उसकी हँसी गायब हो गयी, “बेटी पर तू यहाँ आई कैसे....तुझे यहाँ नही होना चाहिए था...यह लोग बड़े गंदे आदमी है...सब के सब वहशी दरिंदे है...”

“माँ मैं अर्जुन और करण भैया के साथ यहाँ आई थी...”

“क्या वो दोनो यहाँ आए थे....कब और कहाँ..?” रत्ना काजल की बाहे झन्झोडते हुए उस से पूछने लगी.

“माँ कुछ महीनो से अर्जुन और करण भैया को आपके इसी काल कोठरी मे बंद होने के सपने आते थे...सो उनका पीछा करते हुए हम लोग यहाँ तक आ गये...”

“हाँ मैने ही उन दोनो को सपना दिखाया था....बारह साल से त्रिकाल की रखेल बन कर मैने भी थोड़ा सा काला जादू सीख लिया है जिसकी मदद से मैने अपने दोनो बेटो को अपने यहाँ होने का सपना दिखाया था...”

“क्या आप और त्रिकाल की रखेल हो...???” काजल को अपनी माँ की कही बातो पर यकीन नही हो रहा था.
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:09 PM,
#33
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
“हाँ बेटी...यह सब 25 साल पहले शुरू हुआ जब त्रिकाल की गंदी नज़र मेरे जिस्म पर पड़ी थी. उसने मेरा फायेदा उठा कर मेरा बलात्कार किया और मेरी बलि देने के लिए इसी गुफा मे ले आया...लेकिन वो मेरे रूप से कुछ ज़्यादा ही आकर्षित हो गया था इसीलिए उसने मेरी बलि नही चढ़ाई...बल्कि मुझे वापस मेरे घर भेज दिया...मैं बदनाम होने से डर गयी और घरवालो को कुछ नही बताया...लेकिन फिर भी त्रिकाल की वासना शांत नही हुई...बारह साल पहले वो लौट आया और मेरा अपहरण कर के मुझे अपनी रखेल बना लिया...पर अब कभी कभी लगता है आख़िर उसको मेरी बलि चढ़ा देनी चाहिए थी...कम से कम इस ज़िल्लत भरी ज़िंदगी से मुझे मुक्ति तो मिल जाती...” और रत्ना बिलख बिलक कर अपनी बेटी की कंधो पर सर रख कर रोने लगी.

“आप बिल्कुल फिकर मत करो माँ....मुझे पूरा यकीन है कि मेरे दोनो भैया हमें बचाने ज़रूर आएँगे...बस आप थोड़ा धीरज रखो..” काजल ने अपनी माँ के सर पे प्यार से हाथ फेरा.

“मुझे पता है मेरी बेटी कि मेरे दोनो बेटे हमें लेने एक दिन ज़रूर आएँगे....आख़िर दोनो शेर बेटे पैदा किए है मैने.” रत्ना अपनी बेटी को अपने गले से लगाती हुई बोली.

जब रत्ना ने काजल को अपने गले से लगाया तो उसकी हल्की ढीली पड़ चुकी चुचियो से उसकी बेटी की कठोर चुचि टकरा गयी. उन दोनो के निपल एक दूसरे से रगड़ खाने लगे. दोनो की लंबाई एक होने की वजह से दोनो की चुचिया भी एक दूसरे पे सीधे लड़ गयी.

“बेटी तू तो बहुत बड़ी हो गयी है...” रत्ने ने काजल के माथे को चूमते हुए कहा.

“नही माँ मैं तो अभी भी आपकी लाडली हू...” काजल ने मासूमियत से जवाब दिया.
“पर तेरी चुचिया तो मेरे बराबर हो गयी है...” रत्ना ने काजल की दोनो चुचियो को अपना हाथ से नीचे से उठाया मानो उनका वजन ले रही हो. अपनी माँ के ऐसे हाथ लगाए जाने से काजल थोडा शर्मा गयी.
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:09 PM,
#34
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
“माँ आपकी चुचिया अब भी काफ़ी कठोर है...” काजल ने भी रत्ना की चुचियो को नीचे से उठाया और हौले से मसल के देखा.

“नही बेटी अब इनमे वो बात नही रह गयी....” रत्ना ने कहा और अपना हाथ काजल के चिकने पेट से सरकाते हुए उसकी डबल पाव रोटी जैसी चूत पर ले गयी. काजल की बुर पर बहुत ही घनी झान्टे थी जो काफ़ी लंबी लंबी थी.

“बेटी क्या तू झान्टे नही बनाती है....” रत्ना की यह बात सुनकर काजल का चेहरा शर्म से लाल हो गया.

“वो माँ...मुझे ऐसे ही अच्छा लगता है...एक दो बार बनाई है लेकिन उस से वहाँ पे खुजली होने लगती है...” काजल ने कहा और अपना हाथ नीचे ले जाकर अपनी माँ रत्ना की चूत पर रख दिया.

रत्ना की चूत तो काजल से भी दोगुना फूली हुई थी. रत्ना की चूत की फांके बहुत मोटी और बड़ी बड़ी थी और उनपर तो काजल की चूत से भी ज़्यादा झान्टे थी. “माँ आप भी तो झान्टे नही बनाती हो..” काजल ने रत्ना की झान्टो के बाल को खीचते हुए कहा.

“क्या करू बेटी मैं यहाँ फसि हुई हू....पहले तो इस ज़िल्लत भरी ज़िंदगी से घिंन आती थी...पर अब तो जैसे इसकी आदत हो गयी है....अब मुझे यहाँ से तभी आज़ादी मिलेगी जब वो दुष्ट पापी त्रिकाल मारा जाएगा...” रत्ना ने अपनी बेटी की चूत को सहलाते हुए कहा.

“काजल अच्छा यह बता मेरे दोनो बेटे करते क्या है और दिखते कैसे है...” रत्ना ने काजल से पूछा.

“माँ आपके दोनो बेटे बहुत स्मार्ट दिखते है. अर्जुन भैया एक बहुत बड़ी कंपनी मे चीफ सिविल इंजिनियर है और करण भैया एक बहुत बड़े डॉक्टर...और आपकी यह बेटी वकालत पढ़ रही है...” काजल ने बताया.

टू बी कंटिन्यूड....
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:09 PM,
#35
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
“माँ आपके दोनो बेटे बहुत स्मार्ट दिखते है. अर्जुन भैया एक बहुत बड़ी कंपनी मे चीफ सिविल इंजिनियर है और करण भैया एक बहुत बड़े डॉक्टर...और आपकी यह बेटी वकालत पढ़ रही है...” काजल ने बताया.

“मैं यहाँ इस कालकोठरी मे भगवान से यही मनाती थी कि मेरे बेटो का भविष्य उज्ज्वल बना देना...” रत्ना के बोलते ही काल कोठरी का गेट खुला और त्रिकाल का एक आदमी अंदर आया है.

“चल मालिक की सेवा करने का समय हो गया है...” उसने रत्ना को घसीट ते हुए कहा. काजल बस देखती ही रह गयी, आख़िर वो कर भी क्या सकती थी.

थोड़ी देर बाद बगल की कोठारी से उसकी माँ की दर्द भरी चीखे काजल को सुनाई देने लगी. वह बस अपने मन मे यही सोच रही थी कब उसके दोनो भाई आए और उसे और उसकी माँ को त्रिकाल के चंगुल से छुड़ा ले जाए.

इधर घने जंगल मे भूके प्यासे कारण और अर्जुन भटकते रहते है. पूरा दिन गुजर गया था पर अभी तक उन्हे जंगल से बाहर निकलने का रास्ता नही मिला. इधर उधर चलते रहने के बाद उन्हे कुछ आदमी उनकी ओर आते दिखाई दिए.

“चल इनसे मदद माँगते है....” करण बोला और अर्जुन का हाथ पकड़ कर आदमियो की तरफ चल दिया.

“पर करण कही यह त्रिकाल के आदमी तो नही....???” 

“नही यह त्रिकाल के आदमी नही हो सकते....तुमने सुना नही कि वो हमे टीवी रिपोर्टर समझ रहे थे....इसलिए अभी वो वापस हम पर हमला नही करेंगे...”

अर्जुन को लगा कि करण की बात मे दम है इसलिए वो करण के साथ साथ चलने लगा.

“काका आप लोग कौन है....” करण ने उन आदमियो मे से एक से पूछा.

“अरे बिटवा...हम सब तो इहा के लकड़हारे है...देखत नाही हो हमारे पास जंगल की कटी लकड़िया है....पर एई बताओ...तुम दोनो एई बख़त इस घने जंगल मा क्या कर रहे हो...” उस अधेड़ उमर के आदमी ने कहा.

“वो दरअसल काका....हम लोग जंगल मे घूमने आए थे पर यहा भटक गये है और वापस शहर जाना चाहते है...” करण बोला.

“बिटवा....तुम लोगो का एई बख़त यहा घूमना ठीक नाही है...तुमका पता है एई जंगल माँ एक बहुत ही दुष्ट तंत्रिकवा रहत है...उ अगर तुम लोगो का देख लीही तो समझ लो तुम दोनो की मौत पक्की है....” 

“काका हम यहाँ से जल्द से जल्द निकल जाना चाहते है.....” करण बोला.

फिर उस आदमी ने करण और अर्जुन को जंगल से बाहर जाने का रास्ता बता दिया. रात हो चली थी और दोनो पास के एक कस्बे मे पहुच चुके थे. दो दिनो से भूके दोनो पास के एक ढाबे मे चले गये और खाना खाने बैठ गये.

“करण अब हम यहाँ से आगे क्या करे....” अर्जुन ने रोटिया तोड़ते हुए कहा.

“यह तो मुझे भी समझ मे नही आ रहा है....” करण खाने का कौर खाते हुए बोला.

“क्यू ना हम दोबारा जंगल मे जाने का प्रयास करे....”

“पर अर्जुन अब तो हमारे पास सलमा के फोन का जीपीस सिग्नल भी नही है तो हम वहाँ पर कैसे जा सकते है....”

“ह्म्‍म्म....बात तो सही है...पर अगर हम कुछ दिनो तक लगातार ढूँढते रहे तो ज़रूर त्रिकाल की गुफा ढूंड लेंगे..”

“नही ऐसा करना ठीक नही होगा...क्यूकी अगर हम त्रिकाल की गुफा तक पहुच भी गये तो उसके काले जादू से जीत नही पाएँगे...”

“तो फिर हम करे क्या....बस हाथ पर हाथ धरे अपनी बहन की इज़्ज़त लूट ते देखे....” अर्जुन खीजते हुए बोला.

करण कुछ देर चुप रहा. उसका डॉक्टोरी दिमाग़ तेज़ी से चल रहा था जब उसे एक ख़याल आया. “क्यू ना हम दोबारा आचार्य सत्य प्रकाश के पास चलते है....उन्होने पिच्छली बार हमारी मदद की थी तो इस बार भी ज़रूर करेंगे..” करण कुछ सोचते हुए बोला.

“हाँ यह ठीक रहेगा...” अर्जुन ने जवाब दिया.

रात भर वही ढाबे के बाहर बिताकर दोनो अगली सुबह अपने गाड़ी से मुंबई रवाना हो गये.

“करण...काजल की कमी बहुत खल रही है...अगर हमारी फूल सी बहन को कुछ भी हो गया तो मैं अपने आप को कभी माफ़ नही कर पाउन्गा...” अर्जुन का गला भर आया था.

“तू फिकर मत कर मेरे भाई....काजल भी हमारी तरह एक राजपूत खून है...वो इतनी जल्दी हिम्मत नही हारेगी....और मुझे पूरा विश्वास है कि हम जल्द ही कुछ ना कुछ रास्ता ज़रूर ढूँढ निकालेंगे...”

एक दूसरे की हिम्मत बढ़ाते दोनो अपने घर मुंबई पहुच गये. आचार्य सत्य प्रकाश का पता लगाने पर उन्हे पता चला कि वो पास के शहेर मे यज्ञ कराने गये है और दो दिन बाद ही लौटेंगे.

“चल भाई अब इन दो दिनो मे आराम कर ले क्यूकी हम जिस सफ़र पर निकलने वाले है उसपर अब आराम नही मिलेगा..” करण बोला.

“पर भाई हमारी बहन वहाँ मुसीबत मे है तो हम यहा कैसे आराम कर सकते है...” 

“अर्जुन तू खुले दिमाग़ से सोच...अभी हमारे पास कोई और रास्ता नही है...जब तक आचार्य वापस नही आते है तब तक हम कुछ नही कर सकते....और तू फिकर करना छोड़ दे क्यूकी अगली अमावस्या तक त्रिकाल काजल को हाथ भी नही लगाएगा...” करण ने अर्जुन को समझाया.

अब सब कुछ भगवान पर छोड़ कर दोनो अपने अपने घर चले गये. अर्जुन को लगा कि सलमा के अम्मी अब्बू को सब कुछ सच सच बता दे, पर उसकी ऐसा करने की हिम्मत ही नही हुई, और अगर हिम्मत होती भी तो सलमा के अम्मी अब्बू यह तांत्रिक के काले जादू पर कभी विश्वास नही करते. अपने दिल पर यह बड़ा सा बोझ लेकर अर्जुन अपने घर चला गया.

इतने दिनो से करण का क्लिनिक भी बंद था, पर उसे इसकी फिकर नही थी. करण की नज़रें तो किसी और को ही ढूँढ रही थी. शाम तक वो तय्यार हो कर गाड़ी से अपनी मंज़िल तक पहुच गया.
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:09 PM,
#36
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
“निशा मॅटर्निटी क्लिनिक.....ह्म्म्मI अब तो अंदर जाना ही पड़ेगा....एक बार आचार्य के आ जाने के बाद मुझे यह मौका दोबारा नही मिलेगा....क्या पता ऐसी ख़तरनाक जगह से मैं वापस जिंदा लौट पाउ भी या नही...” एक गहरी साँस लेकर करण क्लिनिक के अंदर घुस गया.

करण ने आज एक ब्लॅक बिज़्नेस फॉर्मल सूट पहना था जिसमे सफेद शर्ट पर ब्लॅक टाइ उसपर बहुत जच रही थी, क्यूकी उसे पता था जिससे वो मिलने जा रहा है उसे करण पे फॉर्मल सूट्स बहुत पसंद थे. 

करण किसी फिल्म के हीरो की तरह स्मार्ट और हॅंडसम था. जब वो रिसेप्षन तक पहुचा तो वहाँ पे बैठी रिसेप्षनिस्ट एक स्मार्ट और हॅंडसम आदमी को आँख फाडे देखती रह गयी. 

करण के लिए यह सब आम बात थी. वह जहाँ जाता वही पर लड़किया उसपर फिदा हो जाती, पर वो सिर्फ़ एक लड़की पर फिदा था जिस से वो बहुत ज़्यादा प्यार करता था. उसने आँख फाड़ती रिसेप्षनिस्ट को देखा और मुस्कुरा कर बोला, “हेलो.....मुझे डॉक्टर. निशा से मिलना है...!!!”

“सर बिना अपायंटमेंट के आप निशा मेडम से नही मिल सकते.”

“जी मेरा उनसे मिलना ज़रूरी है...”

“सर आप अपना नाम बताइए मैं निशा मेडम से बात कर के देखती हू...”

“करण ऱाठोड...”

“ओके सर...जस्ट आ मिनिट.” और फिर रिसेप्षनिस्ट निशा के कॅबिन का फोन डाइयल करने लगी. करण यह सब देख कर मुस्कुरा रहा था.

“हेलो मेडम...यहाँ पर कोई करण सर आपसे मिलना आए है...अगर आप कहे तो मैं उन्हे आपके कॅबिन मे भेज दूं..” 

फोन पर से कुछ आवाज़ आई जिसे सुनकर रिसेप्षनिस्ट करण से बोली, “आइ आम सॉरी सर निशा मेडम कह रही है कि वो किसी करण रठोड को नही जानती है..”

करण यह सुनकर चौंक गया, “लगता है अभी तक नाराज़ है मुझसे...” उसने मन मे सोचा.

“आप एक काम करिए मेरी उनसे फोन पर बात करा दीजिए...” 

“आइ आम सॉरी सर, निशा मेडम के क्लियर इन्स्ट्रक्षन्स है कि कोई भी उनसे बात नही करेगा...अगर आपको बात ही करना है तो मैण आपको परसो का अपायंटमेंट दे सकती हू..”

“परसो तक का तो टाइम नही है मेरे पास...” करण फुसफुसाया.

“सर आपने कुछ कहा...???” 

“जी नही मैने कुछ नही कहा.....आइ आम सॉरी..” करण पलट के जाने लगा जब सामने के कॅबिन का दरवाज़ा खुला और उसमे से एक खूबसूरत अप्सरा निकल के आई. निशा के हुस्न को देख कर यही अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि जिस करण के पीछे मेडिकल कॉलेज की पूरी लड़किया भागती थी वो सिर्फ़ निशा के पीछे भागता था. निशा से खूबसूरत करण ने आज तक कोई लड़की नही देखी थी. 

खूबसूरती और दिमाग़ का अनोखा संगम था निशा मे. वह इतनी सुंदर थी की मेडिकल कॉलेज मे पार्ट टाइम टीवी आड्स और फॅशन डिज़ाइनर्स के लिए मोडीलिंग और फोटोशूटस भी करती थी. लेकिन समय निकाल कर पढ़ती भी इतना थी कि अपने बॅच की टॉपर हुआ करती थी. कॉलेज मे सभी लड़के निशा पे फिदा थे. पर उसका दिल आया भी तो करण पर. जब करण और निशा के प्यार के बारे मे सबको पता चला तो ना जाने कितने लड़के लड़कियो के दिल टूटे थे.

साँचे मे ढला निशा का जिस्म जैसे भगवान ने खुद फ़ुर्सत मे बनाया था. वो आमिरा दस्तूर (आक्ट्रेस) की बिल्कुल ट्रू कॉपी लगती थी. 34-26-36 का साइज़ ज़ीरो फिगर और उसपर एक स्लिम ब्लू साड़ी उसे बिल्कुल कातिलाना बना रहा था. अब आँखे फाड़ के देखने की बारी करण की थी.

“निशा मेडम यही है करण राठोड...यह कह रहे है कि यह आपको जानते है...” रिसेप्षनिस्ट ने निशा को अपनी ओर आते हुए देखा.

“स्वाती....मैं इन्हे नही जानती...” निशा ने एक अदा से रिसेप्षनिस्ट को कहा पर उसकी आँखे करण को ही घूर रही थी.

“मेडम आप कहिए तो मैं सेक्यूरिटी बुलाऊ..?” रिसेप्षनिस्ट बोली.
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:10 PM,
#37
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
“प्लीज़ निशा मेरी बात तो सुनो....आइ आम सॉरी फॉर ऑल दट...” करण के सामने हर लड़की गिड़गिडाटी थी पर एक निशा ही थी जिसके सामने करण गिड़गिदाता था.

“ठीक है स्वाती तुम जाओ...वैसे भी क्लिनिक के बंद करने का समय हो गया है...” निशा बोली.

“पर मेडम आप नही चलेंगी...” रिसेप्षनिस्ट ने निशा से पूछा.

“नही मैं अभी यही रहूंगी....ज़रा मैं भी तो देखु कि यह करण ऱाठोड कॉन है...” निशा करण को घूरते हुए बोली.

रिसेप्षनिस्ट करण और निशा के बीच का चक्कर समझ गयी और चुप चाप मुस्कुराते हुए वहाँ से चली गयी.

“आपसे मैं अपनी कॅबिन मे बात करना चाहती हू डॉक्टर. करण ऱाठोड....” निशा अपनी गान्ड ठुमकते हुए अपनी कॅबिन मे चली गयी. करण भी उसके पीछे पीछे कॅबिन मे चला गया.

उसने प्यार से निशा का हाथ पकड़ा, पर जैसे ही उसने कुछ कहना चाहा निशा ने अपना हाथ झटक कर हटा लिया और बोली, “च्छुना मत मुझे....तुम्हे कोई हक़ नही है मुझे च्छुने का...” निशा के आँखो मे गुस्सा सॉफ झलक रहा था.

“अगर तुम मुझे बोलने का मौका दोगि तो मैं तुम्हे सब कुछ समझा सकता हू....”

“क्या बहाना बनाओगे करण...???” निशा ने चिल्लाते हुए कहा. “जब से हम रिलेशन्षिप मे है तब से तुम बहाने ही बना रहे हो...” निशा करण को किसी शेरनी की तरह घूर रही थी.

“मैं बहाना नही बना रहा निशा...परसो मैं ऐसे जगह फसा था जहा से मेरा निकलना नामुमकिन था....प्लीज़ मेरी बात का यकीन करो...” करण फिर से निशा का हाथ पकड़ते हुए कहा.

गुस्से मे आकर निशा ने फिर अपना हाथ झटक के हटा लिया, “हाँ अगर कोई दूसरी लड़कियो की बाँहो मे मज़े करे तो उसका वहाँ से निकल पाना नामुमकिन होता है...”

“यह तुम क्या कह रही हो निशा....ऐसा कुछ नही है जैसा तुम समझ रही हो...मेरा यकीन करो मैं आना चाहता था...” करण ने इस बार ज़ोर से निशा का हाथ पकड़ लिया.

“आना चाहते थे तो आए क्यू नही....तुम्हे पता है ना कि मम्मी पापा मेरी शादी अमेरिका के एक लड़के से करवाने वाले है....और परसो वो लड़का और उसकी फॅमिली मुझे देखने आए थे....पता है परसो तुम मेरे साथ नही थे तो मुझे कितना डर लग रहा था...” जितनी ज़ोर से करण ने निशा का हाथ पकड़ा था उतने ही ज़ोर से निशा ने अपना हाथ झटक कर छुड़ा लिया.

“मैं सब जानता हू लव...” 

“लव...माइ फुट..!!!..क्या तुम्हे लव का मतलब भी पता है....कैसे लवर हो तुम जो अपनी गर्लफ्रेंड को किसी और के साथ शादी करता देख सकते हो..” निशा अपनी पूरी ताक़त से चिल्लाते हुए बोली.

“तुम्हे किसी और के साथ देखने से पहले मैं मर जाउन्गा निशा...” कारण ने सर झुकाते हुए कहा.

“तो ठीक है तुम मर जाओ...और फिर पीछे से मैं भी स्यूयिसाइड कर लूँगी...क्यूकी मम्मी पापा ने मेरी शादी उस लड़के से तय कर दी है...और कल ही हमारी सगाई है..” कहते हुए निशा की आँखो मे आँसू आ गये.

“मेरा यकीन करो निशा मैं परसो वहाँ था जहा से मेरा तुम्हारे पास आना नामुमकिन था....और अगर मैने तुम्हे उसके बारे मे बताया तो तुम फिर कहोगी मैं बहाने बना रहा हू...”

“हाँ तुम बहाने ही बनाओगे...मुझे सब पता है...अब तो कभी कभी लगता है कि तुम्हारा मुझसे मन भर गया है...”

“प्लीज़ निशा ऐसा मत बोलो....तुम जब ऐसा कहती हो तो मेरा दिल छल्नी हो जाता है...”

“झूठ...फिर झूठ...अगर तुम मुझसे प्यार नही करते तो बता दो मुझे...मैं कुवारि ही जी लूँगी पर तुम्हारे सिवा किसी और से शादी नही करूँगी..” अब निशा रोने लगी थी.

करण उसको बताता भी तो क्या कि वो अभी एक तांत्रिक का काला जादू देख कर आया है जिसने उस से उसकी प्यारी छोटी बहन भी छीन ली. निशा कभी भी ऐसी बातो पर विश्वास नही करती जिस से उसके और निशा के बीच की ग़लत फहमिया और बढ़ जाती.
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:10 PM,
#38
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
करण निशा के पास जाकर उसको चुप करना चाहता था पर निशा ने उसे बीच मे ही रोक दिया, “पास मत आना मेरे...एक नंबर के धोकेबाज हो तुम...पहले बहुत बड़े वादे किए थे तुमने...पर जब मेरी शादी तय होने लगी तो किसी कायर की तरह दूसरी लड़कियो के बाँहो मे छुप गये...आइ हेट यू करण...मैं दोबारा तुम्हारी शकल भी नही देखना चाहती..” निशा बोलते हुए बिलख बिलख कर रोने लगी.

करण को समझ मे नही आ रहा था कि वो निशा को यह सब कैसे समझाए. उसने मायूस होकर कहा, “ठीक है निशा...मैं आज के बाद दोबारा अपनी शकल कभी तुम्हे नही दिखाउन्गा....पर जाते जाते तुम्हे कुछ दिखाना चाहता हू...” कहते हुए करण की आँखे नम हो गयी.


उसने अपना कोट उतार दिया. निशा के समझ मे कुछ नही आया. फिर करण ने अपना टाइ खोला और शर्ट भी उतार दिया. कपड़े उतारते ही निशा ने देखा कि कारण की छाती पूरी छल्नी है. उसे इस सब पर यकीन नही हुआ. करण पीछे मूड गया, उसकी पीठ पर भी नाखूनो के गहरे जख्म थे.

“ओह्ह माइ गॉड...” निशा अपने मूह पर हाथ रखते हुए बोली.

“इसी वजह से मैं परसो नही आ पाया...वो तो मेरी किस्मत थी मैं बच गया नही तो आज तुम्हारे सामने खड़ा होने के बजाए कही दो गज ज़मीन के नीचे दफ़्न होता..” करण ने अपने आँसू पोछते हुए कहा.

“ये...ये सब कैसे हुआ करण...” निशा दौड़ के करण के पास गयी और उसके जख़्मो को च्छू कर देखने लगी.

“तुम्हे अभी भी लगता है कि मैं किसी लड़की के साथ था..?.” करण के पूछने पर निशा कुछ नही बोल पाई.

“तुम्हे ड्रेसिंग की ज़रूरत है नही तो इन जख़्मो से तुम्हे इन्फेक्षन हो सकता है...”

करण उसका हाथ पकड़ते हुए, “इन्हे ड्रेसिंग की नही बल्कि तुम्हारे कोमल हाथो के स्पर्श की ज़रूरत है...” करण ने कहा और निशा उसकी गहरी आँखो मे डूब गयी.

“तुम मुझसे बहुत प्यार करते हो ना....” निशा लगातार करण की आँखो मे देखे जा रही थी..

“अपनी जान से भी ज़्यादा....” करण ने भी निशा की आँखो मे देखते हुए जवाब दिया.

“तो फिर आज रात मेरे घर चलो....”

“पर निशा इतनी रात को तुम्हारे घर...उपर से तुम्हारे मम्मी पापा भी होंगे वहाँ...मुझे नही लगता है कि मेरा वहाँ जाना ठीक होगा.”

निशा ने करण के होंटो पर अपनी उंगली रख दी, “ष्ह्ह्ह......जैसा मैं कहती हू बस वैसा करो...” निशा की आँखो मे आज एक अलग ही नशा लग रहा था.

क्लिनिक को गार्ड द्वारा बंद करवाने के बाद दोनो निशा की कार मे उसके घर पहुच गये. रात को घर की रखवाली कर रहे वॉचमन ने गेट खोला और वो दोनो अंदर आ गये.

“निशा पर तुम्हारे मम्मी पापा..?” करण कार से उतरता हुआ बोला.

“वो लोग आज रात घर पर नही है...मेरी सगाई की तय्यारी मे पुणे गये है...अब कल सुबह ही लौटेंगे..” निशा ने करण का हाथ पकड़ के घर के अंदर खीचते हुए कहा.

“पर निशा हमे ऐसा नही करना चाहिए....” करण इतनी रात मे अकेले एक लड़की के घर आने मे थोड़ा संकोच कर रहा था.

“पर वर कुछ नही....उपर मेरा बेडरूम है आ जाओ...” कहते हुए निशा अदा से चलती हुई उपर अपने कमरे मे चली गयी. करण को उसकी चाल आज कुछ बदली बदली सी लग रही थी. आज से पहले निशा करण को सिर्फ़ अपने आपको किस करने देती थी उसने आज तक करण को इस से आगे बढ़ने नही दिया. पर आज उसकी आँखो मे अलग सा नशा था, एक अलग सी कशिश थी.
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:10 PM,
#39
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
करण धड़कते दिल से धीरे धीरे उपर जाने लगा. उसके दिमाग़ मे हर तरह की बातें चल रही थी. अपनी माँ का सपना, आचार्य का मार्गदर्शन, त्रिकाल द्वारा सलमा का बलात्कार और हत्या, अपनी प्यारी बहन का त्रिकाल के चंगुल मे फस जाना और अब उसकी प्रेमिका की सगाई वो भी अगले ही दिन.

अपने ही ख़यालो मे खोया करण जब निशा के कमरे मे पहुचा तो निशा वहाँ नही थी. उसने देखा कि निशा की सेक्सी ब्लू साड़ी और उसकी मॅचिंग ब्लू ब्लाउस वही बिस्तर पर पड़ी थी. साथ ही मे काली रंग की रेशमी डिज़ाइनर ब्रा और बिल्कुल पतली सी एक मॅचिंग डिज़ाइनर पैंटी पड़ी थी.

करण ने जब सर घुमा के देखा तो बाथरूम का दरवाज़ा आधा खुला हुआ था और अंदर से शवर से पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी. करण ने मुस्कुराते हुए निशा की ब्रा उठा ली और सूंघने लगा.

“उम्म्म्म.....वाह !!!..” करण ब्रा से आती निशा के पसीने की गंध सूंघ कर उत्तेजित हो गया. उसने तुरंत निशा की पैंटी भी उठा ली और चूत की जगह पर नाक लगाकर सूंघने लगा.

“वूव्व.....क्या गंध है...” करण एक गहरी साँस लेता हुआ अपने मन मे सोचने लगा. 

पैंटी से आती निशा की पसीने और पेशाब की गंध से करण की नाक भर गयी जिसे सूंघ कर वो पागल सा हो गया. करण इस से ज़्यादा उत्तेजित आज तक कभी नही हुआ था और वो भी सिर्फ़ निशा की उतरी हुई ब्रा और पैंटी से.

एक जवान औरत के पसीने और पेशाब की गंध भी इतनी मादक हो सकती है आज करण ने जाना था. उसने तुरंत निशा की पैंटी को जहाँ वो उसकी चूत से चिपकी रहती है चूसने लगा. किसी पागल कुत्ते की तरह वो पैंटी को ही चाटने लगा. वो अपने जीभ पर निशा की पैंटी से निकली पसीना और पेशाब का गीलापन महसूस करने लगा.

करण इतना उत्तेजित हो गया कि उसका हल्लबि लॉडा उसके पॅंट मे ही खड़ा होने लगा. उसने देखा कि निशा की ब्लू ब्लाउज पर बगल आर्म्पाइट वाला हिस्सा गीला है. उसने ब्लाउस को उठाया और अपनी नाक के पास ले जाकर एक गहरी साँस लिया.

“अहह........कितनी मादक गंध आ रही है ब्लाउस से..” उसने मन मे सोचा. निशा की ब्लाउस से उठती तेज़ पसीने की गंध ने करण का सुध बुध सब छीन लिया था. उसे यह भी एहसास नही हुआ कि निशा उसे बाथरूम के दरवाज़े से देख रही है.

जब करण को होश आया तो उसने पाया कि उसके एक हाथ मे निशा की ब्रा और पैंटी है और दूसरे हाथ मे ब्लाउस जिसकी मादक गंध वो ले रहा था. उसने जब सर घुमा के देखा तो निशा दरवाज़े से सर बाहर निकाल के उसे देख रही थी और एक मादक मुस्कान हंस रही थी.

“मैं कपड़े और तौलिया लेना भूल गयी...क्या तुम मेरे वॉर्डरोब से मेरे कपड़े और तौलिया दे दोगे...” निशा ने यह बात इतनी मादकता से कही कि करण को लगा कि वो वही पॅंट मे ही झड जाएगा.

निशा का ऐसा सेक्सी रूप करण ने आज तक नही देखा था. जो निशा उसकी गर्लफ्रेंड होने के बावजूद उसे हाथ भी नही लगाने देती थी यह कहकर कि शादी के बाद ही वो सेक्स करेगी, आज खुद इतनी सेक्सी हरकते कर रही थी. 

उसने करण को बहुत तडपाया था, जहा बाकी प्रेमी प्रेमिका शादी से पहले ही संभोग मे जुट जाते है वही निशा का कहना था कि वो अपनी परंपरा और संस्कार के मुताबिक अपने पति से ही शारीरिक संबंध बनाएगी. और इन सब मे बेचारा करण सिर्फ़ हिला के रह जाता था, पर वो निशा की बहुत इज़्ज़त भी करता था इसीलिए उसने अपनी वासना पर सिर्फ़ निशा के लिए काबू रखा और कभी भी निशा की मर्ज़ी के खिलाफ उसे हाथ नही लगाया.

“ 

“सोच क्या रहे हो...मुझे मेरे कपड़े दो..” निशा की आवाज़ मे मादकता ही मादकता भरी थी.
-  - 
Reply
08-19-2018, 03:10 PM,
#40
RE: Mastram Kahani काले जादू की दुनिया
करण अपने गले का थूक गटकते हुए उठा और वॉर्डरोब तक पहुच गया. उसके साथ अभी जो भी हो रहा था उसपे विश्वास नही हो रहा था. निशा आज रात के लिए अपने संस्कार कैसे बदल सकती है.

खैर उसने जब वॉर्डरोब खोला तो उसमे बहुत सी ड्रेस थी. करण को समझ मे नही आया कि कॉन सी निशा को चाहिए. उसने वापस अपना गला सॉफ करते हुए पूछा, “निशा इसमे तो बहुत से कपड़े है...तुम्हे इनमे से कॉन सी चाहिए...?”

“तुम प्यार से जो भी दे दोगे मैं पहन लूँगी....” निशा मुस्कुराते हुए बोली. उसकी अदा ऐसी थी कि कोई भी उसपर फिदा हो जाए.

करण ने एक पिंक कलर की नाइटी चुनी जो निशा की सिर्फ़ जाँघो तक आती होगी. आख़िर करण करता भी क्या निशा के पास सारी नाइटी ऐसी ही थी. 

उसने एक हाथ से वो नाइटी उठाई और दूसरे हाथ से तौलिया और हल्के कदमो से बाथरूम तक पहुच गया. जैसे ही उसने नाइटी को हाथ बढ़ा कर निशा को देना चाहा तो निशा ने उसका हाथ पकड़ लिया. बेचारा करण एकदम से सकपका गया. निशा उसे घूर घूर कर वासना भरी निगाओ से देख रही जैसे उसे पूरा खा जाएगी.

“क्या नाइटी के नीचे मुझे नंगी रखोगे...” निशा ने करण का हाथ अपनी ओर खीचते हुए कहा. निशा सिर्फ़ सर ही बाथरूम के दरवाज़े से बाहर निकाले हुई थी. उसका बाकी का जिस्म दरवाज़े के अंदर छुपा हुआ था.

“नही नही मेरा वो मतलब नही था....”

“मेरी ब्रा और पैंटी तो ले आओ....” निशा मादक आवाज़ मे अपने होंठो पर जीभ फिराती हुई बोली.

करण के लिए यह सब कुछ ज़्यादा ही था. उसके लंड उसकी पॅंट फाड़ने को तय्यार था. वो वापस वॉर्डरोब तक पहुच गया और ब्रा पैंटी ढूँढने लगा. एक ड्रॉयर खोलने के बाद उसमे अनगिनत ब्रा पैंटी के सेट काएदे से फोल्ड किए हुए मिले.

करण ने इस बार पूछा नही बल्कि एक वाइट ब्रा पैंटी उठा लाया और निशा को पकड़ा दिया. निशा ब्रा पैंटी के उस सेट को देख कर हँसने लगी. 

जब करण को निशा की हँसी का कोई कारण समझ मे नही आया तो निशा बोली, “जानू यह तो टीशर्ट ब्रा है...इसमे पॅड्स होते है...यह रात को नही पहनी जाती, इसे तो टॉप्स या टीशर्ट के अंदर पहनते है ताकि निपल्स नही दिखे...” और निशा फिर से कातिलाना हँसी हँसने लगी. करण ने आज पहली बार निशा के मूह से ‘निपल’ नाम सुन रहा था जिस से उसका लंड उसके पॅंट मे ही झटके खाने लगा.

“मुझे तो लगा कि सारी ब्रा पॅंटीस एक ही होती होंगी...” करण बोला. वो बड़ी मुश्किल से अपनी भावनाओ पर काबू कर रहा था. उसका मन हो रहा था कि अभी बाथरूम मे घुस जाए और निशा को अपनी बाँहो मे भर कर खूब प्यार करे.

वो पलट कर वॉर्डरोब तक गया और एक नाइटी से मॅच करती हुई एक पिंक कलर की रेशमी जालीदार ब्रा और बहुत ही पतली पैंटी उठा लाया. निशा उसके हाथ मे यह सेट देख कर मन मे सोचने लगी, “अब आए ना बच्चू लाइन पर...अब जाके सही ब्रा पैंटी का सही सेट लाए हो..”
-  - 
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up Bhabhi ki Chudai लाड़ला देवर पार्ट -2 88 2,235 3 hours ago
Last Post:
Star Antarvasna kahani अनौखा समागम अनोखा प्यार 101 171,138 Yesterday, 07:20 PM
Last Post:
Lightbulb kamukta जंगल की देवी या खूबसूरत डकैत 56 5,034 Yesterday, 12:28 PM
Last Post:
Thumbs Up Hindi Porn Story द मैजिक मिरर 88 74,867 02-03-2020, 12:58 AM
Last Post:
Star Hindi Porn Stories हाय रे ज़ालिम 930 809,126 01-31-2020, 11:59 PM
Last Post:
Star Adult kahani पाप पुण्य 216 870,075 01-30-2020, 05:55 PM
Last Post:
Star Kamvasna मजा पहली होली का, ससुराल में 42 102,817 01-29-2020, 10:17 PM
Last Post:
Star Antarvasna तूने मेरे जाना,कभी नही जाना 32 111,313 01-28-2020, 08:09 PM
Last Post:
Lightbulb Antarvasna kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी ने 49 104,413 01-26-2020, 09:50 PM
Last Post:
Star Incest Kahani परिवार(दि फैमिली) 661 1,618,268 01-21-2020, 06:26 PM
Last Post:



Users browsing this thread: 1 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


armay Bali ladki ki chudae sex stories in hindiअविका के बुबसजांघों को सहलातेahhhh huuu bata zor zor se chodo kamukta hindi sex storiesayesha sahel ki nagi nude pic photoखलिहान मे जमकर चुदाई कियागरमा गरम साक्ष्य विदें गफ बफjawani ka dudh bhabhi ko nichhod kr chooss liya. antervasnahaweli aam bagicha incestNimrat kaur all nude photos on sexbaba.comबूढ़ी रंडी की गांड़ चुदाईयोनि लड का विडिया दिखाएDsei bra pnti cudi poto nude sex baba thread of sameera Reddysoi hui chachi se jabrdasti fuckead xxx.comwww.sax.coti.coti.gals.nikarbra.vali.videosMohra sexy baba netmami ki salwar ka naara khola with nude picWwwbhabi ki gand chipake sex hd video comडॉक्टर ने आईला झवलेwww.chalogexnxx.coma6 Indian actress sneha xxxbig image.comantarvasna boliywoodIDIYANXXXSEXhd xxx houngar houbad hotमारवाड़ी सेकसि विडयोजApni khandan me kahai aurto ko chuda desi kahaniमौसी की सेक्सी वीडियो शाहजहां पेटीकोट में सेक्सी वीडियोpunjabi kudi di phuddi chudai kahaniaaक्सक्सक्स धोती वलय बूढा छोड़ै कहानी हिंदी मेंteens skitt videocxxx hd jabr dastixx n x sixbabaकिनारी सेकसी पिचर sex.मराठी हलता सविता dipika kakar nude pictoa.comMere bholi maa ka mangal sutra sex storybahut hi Lamba landxxnxxVilleg. KiSexxx. aoratOnlain.kapde.otar.kr.porn.v.hdकेला केसेबुरkiara advani chudai ki kahani with imageठण्ड में मोटे लण्ड से चूत फारीकौन हिरोनी Sex बनाता हैं xxxxRajSharma khaney Xexy babaहबशी का लंबा मोटा लंड गांड में पहली बार लियामाझी मनिषा माव शीला झवलो sex story marathimaa ke aam chuseSexy jannat fudi shaved picअजीब sexbabababitaji suck babuji dick with Daya bhabhi storybhwoli chudai giral ki nagi fotoPista hindi kahani Nandoiladki Sab Puri Lekar Mutthi Mein Kaise Puchte girati Hai video sexyKachi kli ko ghar bulaker sabne chodaghar pe khelni ae ladki ki chut mai ugli karke chata hindi storywww sex indian पंडित टट्टी video hdxvideo hdSwara bhaskar sex babaससूर।और।बहूका।सेकसी ।विडियोmaa beta sexbaba.sexbaba.net hindi storysthamanea boobs and pussy sexbabaTravels relative antarvasna storymarathi bhau bhine adala badali sex storiअम्मी को choda हिंदी सेक्स कहानी utarkar nakabschool me chooti bachhiyon ko sex karna sikhanalund geetu Sonia gand chut antervasnajaberdasdi Bhaibh ke shat sex.comdipika kakkarki pic nudeXxxhindisacixxx inage HD miuni roy sex babaunglimama xnxxxChudakkad saliyan part 8 desi storiesTrisha patiseBiwi chudai Neha storiespussypar oil laganasamantha swmming pool xnxxtv.comXxx desi mausi. Ki. Darash. Changhot chudifuck video indian desi xxx net hindiचुत की आग गाली बक के बुजाई कहानियाchoda chodi or pala pali pure porn or sex bhabhi mami ki khanixxx kahani heroen sexbaba chut imageयार की बीबी का दुध पिके चुदाई कहानीIndian aurat ki Gand Mein land American aadami ka p0rn HD movieअजीब sexbababubas dbae vidio nipplessexy video jabrdasti se pichese aake chod na sosaytidivyanka tripathi hot bude.sexybaba.inburi me peloxxxsex baba net chut ka bhosda photoचूतसेhot sixy Birazza com tishara vbahin kapde Cheng kart astana sex story bhau ani mitrhindimexxxsuhagratnannd Ka blatkar desi sex story